1973 में पश्चिम के अरब तेल बहिष्कार की तुलना में एक "बड़ा व्यवधान" परिदृश्य आपूर्ति की कमी पैदा करेगा जिसके कारण तेल की एक बैरल की कीमत लगभग 90 डॉलर से बढ़कर 140 और 157 डॉलर के बीच हो जाएगी. पिछला रिकॉर्ड - मुद्रास्फीति के लिए असमायोजित - 2008 में 147 डॉलर प्रति बैरल था.
विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमिट गिल ने कहा, "मध्य पूर्व में नवीनतम संघर्ष 1970 के दशक के बाद से कमोडिटी बाजारों के लिए सबसे बड़े झटके - यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध - के बाद आया है. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका विघटनकारी प्रभाव पड़ा जो आज तक कायम है." उन्होंने आगे कहा, "नीति निर्माताओं को सतर्क रहने की जरूरत होगी. यदि संघर्ष बढ़ता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को दशकों में पहली बार दोहरे ऊर्जा झटके का सामना करना पड़ेगा - न केवल यूक्रेन में युद्ध से, बल्कि मध्य पूर्व से भी."
बैंक ने अपने नवीनतम कमोडिटी बाजार दृष्टिकोण में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका केवल ऊर्जा लागत तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि उच्च खाद्य कीमतों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों को भुखमरी की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है. बैंक ने अपने आकलन में कहा कि इजरायल-हमास युद्ध का अब तक कमोडिटी की कीमतों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है तेल की कीमतों में लगभग 6% की वृद्धि हुई है, लेकिन कृषि वस्तुओं, औद्योगिक धातुओं और अन्य वस्तुओं में अब तक "मुश्किल से बढ़ोतरी" हुई है.
इसमें कहा गया है, "अगर संघर्ष बढ़ा तो कमोडिटी की कीमतों का परिदृश्य तेजी से खराब हो जाएगा." विश्व बैंक के बेसलाइन पूर्वानुमान के तहत, वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होने के कारण अगले वर्ष तेल की कीमतें औसतन 81 डॉलर प्रति बैरल तक गिरने से पहले मौजूदा तिमाही में औसतन 90 डॉलर प्रति बैरल रहेंगी.
रूस में रनवे पर फिलिस्तीन समर्थकों ने किया कब्जा, प्लेन में खोजने लगे यहूदी, एयरपोर्ट बंद
इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. इजरायल लगातार गाजा में सैन्य कार्रवाई कर रहा है. इस सबके बीच रविवार को दक्षिण रूसी क्षेत्र दागेस्तान के मखाचकाला शहर में एयरपोर्ट पर फिलिस्तीन समर्थक अचानक रनवे पर पहुंच गए.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजा में इजरायली कार्रवाई की निंदा करने के लिए ये लोग इकट्ठा हुए थे. प्रदर्शनकारियों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों के बड़े समूहों को एयर-टर्मिनल में प्रवेश करते और फिर अंदर के तमाम कमरों को तोड़ते हुए देखा जा सकता है. प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट की बिल्डिंग पर धावा बोल दिया, फिलिस्तीन का झंडा लहराया और "अल्लाहु अकबर" के नारे लगाए. यहां उन्होंने यहूदी विरोधी नारे लगाए और तेल अवीव, इजरायल से आने वाली फ्लाइट्स से आने वाले यात्रियों की तलाश की.
प्रदर्शनकारियों का वीडिया आया सामने
वीडियो में नजर आ रहा है कि प्रदर्शनकारी जबरन दरवाजे खोल रहे हैं, कैमरे के पीछे से आदमी अभद्र भाषा में चिल्ला रहा है और दरवाजे खोलने के लिए कह रहा है. इस दौरान एयरपोर्ट के कर्मचारियों पर वह भड़क रहे हैं. वहीं एक महिला रूसी भाषा में कह रही है "यहां कोई इजरायली नहीं है". कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों का मकसद इजरायली नागरिकों पर हमला करना था.
दागिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. इसमें कहा गया कि घायलों में पुलिस अधिकारी और नागरिक शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन जारी है.
इजरायल ने यहूदियों की सुरक्षा करने का आग्रह किया
उधर, स्थिति के मद्देनजर इजरायल ने रूसी अधिकारियों से इजरायलियों और यहूदियों की रक्षा करने का आग्रह किया. येरुशलम में विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि मॉस्को में इजरायली राजदूत रूसी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं. बयान में कहा गया, "इजरायल कहीं भी इजरायली नागरिकों और यहूदियों को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों को गंभीरता से लेता है."
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "इजरायल को उम्मीद है कि रूसी कानून प्रवर्तन अधिकारी सभी इजरायली नागरिकों और यहूदियों की रक्षा करेंगे, चाहे वे कोई भी हों और दंगाइयों के खिलाफ और यहूदियों व इजरायलियों पर बेलगाम उकसावे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे."
- Get link
- X
- Other Apps
Labels
Breaking News- Get link
- X
- Other Apps

Comments
Post a Comment